गोवा ओपन चार्ट

गोवा ओपन चार्ट

time:2021-10-22 05:08:37 सिर्फ 10% कर्मचारी ऑफिस लौटे : रिपोर्ट Views:4591

lovebet योविल गोवा ओपन चार्ट betway इंडिया,fun88 ट्रांग चो,lovebet 50 फ्री स्पिन,lovebet इंटरएक्टिव एंटरटेनमेंट एजी,lovebet थू लिन्हो,3 स्लॉट अंश कैलकुलेटर,बैकरेट बैंक और अवकाश,बैकरेट खेल और कौशल,बेस्ट ऑफ फाइव एमसीक्यू एंडोक्रिनोलॉजी,सबसे व्यस्त कैसीनो दिन,कैसीनो मिशन,शतरंज एच फाइल,क्रिकेट की किताबें हिंदी में,क्रिकेटबुक xl,यूरोपीय कप फाइनल लाइव,फुटबॉल सट्टेबाजी युक्तियाँ,ga लॉटरी स्क्रैचर्स शेष पुरस्कार,खुश किसान मलेशिया,रश लेक mn . पर आइस फिशिंग,जैकपॉट ऐप विजेता,लैडब्रोक वी लवबेट,लाइव फुटबॉल डाउनलोड,लॉटरी मणिपुर,एम लवबेट ug,ऑनलाइन कैसीनो कनाडा,ऑनलाइन गेम वीएक्स 4,ऑनलाइन स्लॉट gamstop पर नहीं,पोकर 365,पोकर वाई फुल,रूले उच्चारण,रम्मी मज़ा,एस क्रिकेट लाइव ऐप,स्लॉट का अर्थ,स्पोर्ट्स आर यू बरमूडा,तीन पत्ती का खेल,बैकारेटी का कानून,वर्चुअल क्रिकेट लैब वैज्ञानिक पद्धति,वाइल्डज़ स्वागत बोनस,news24 डिबेट,करीना सके हम प्यार का सौदा,क्षत्रिय गोवा,जैकपाट मूवी,पॉप कैंडी,बरसात साजन साजन साजन,राई स्पोर्ट्स स्कूल,स्टेटस बताओ, .सिर्फ 10% कर्मचारी ऑफिस लौटे : रिपोर्ट

बेंगलुरु और हैदराबाद में यह आंकड़ा 5 फीसदी से भी कम है. वहीं, मुंबई और दिल्‍ली-एनसीआर में यह संख्‍या 20 फीसदी से ज्‍यादा है.
बेंगलुरु : मार्च में सामान्‍य स्‍तर से नवंबर के अंत तक सिर्फ 10 फीसदी कर्मचारी ऑफिस लौटे थे. वर्कइनसिंक के आंकड़ों से इसका पता चलता है. यह कंपनियों को टेक सॉल्‍यूशन उपलब्‍ध कराती है. बेंगलुरु और हैदराबाद में यह आंकड़ा 5 फीसदी से भी कम है. वहीं, मुंबई और दिल्‍ली-एनसीआर में यह संख्‍या 20 फीसदी से ज्‍यादा है.

फार्मा, आईटी, आईटीईएस और बीपीओ सेक्‍टर के कर्मचारी अधिक रफ्तार से ऑफिस लौट रहे हैं. इनमें यह रेट 16 फीसदी से 27 फीसदी तक है. वहीं, शुद्ध सॉफ्टवेयर प्रोडक्‍ट कंपनियों में यह रेट सिर्फ 3 फीसदी है. इंफोसिस, विप्रो और टीसीएस जैसी कंपनियों में कुल कर्मचारियों में से केवल 5 फीसदी ऑफिस से काम कर रहे हैं.

इसे भी पढ़ें : क्‍या आप एमबीए करना चाहते हैं? ये 6 बातें करेंगी आपकी मदद

master

महानगरों में यह आंकड़ा 10 फीसदी है. वहीं, बाकी के देश में 20 फीसदी. आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि पुरुषों के मुकाबले महिला कर्मचारी ऑफिस लौटने में अधिक तत्‍पर हैं.

इसे भी पढ़ें : कार खरीदने के लिए आसानी से मिलेगा लोन, मारुति सुजुकी ने शुरू की यह नई सुविधा

वर्कइनसिंक के सीईओ दीपेश अग्रवाल ने कहा कि अगले साल मई तक आईटी, आईटीईएस और बीपीओ सेक्‍टर में कर्मचारियों के ऑफिस वापसी का लेवल कोरोना से पहले के स्‍तर के 50 फीसदी तक पहुंच सकता है. वहीं, सितंबर तक इसके 80 फीसदी तक पहुंचने के आसार हैं. सब कुछ काेराेना की वैक्‍सीन आने पर निर्भर करेगा.

उन्‍होंने कहा कि अनलॉक के दूसरे चरण से कर्मचारियों ने ऑफिस लौटना शुरू किया है. लेकिन, जिस तरह से उनकी वापसी हुई है, वह पहले की तुलना में काफी अलग है. अगले कुछ महीनों में ज्‍यादा कर्मचारी ऑफिस से काम करेंगे.

हिंदी में पर्सनल फाइनेंस और शेयर बाजार के नियमित अपडेट्स के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज. इस पेज को लाइक करने के लिए यहां क्लिक करें.

टॉपिक

ऑफिस वापसीवर्कइनसिंकबेंगलुरुर‍िपोर्टकोरोना वैक्‍सीनहैदराबाद

ETPrime stories of the day

Tech on board: Chalo navigates the tricky terrain of mass mobility with its ‘OS for buses’
Strategy

Tech on board: Chalo navigates the tricky terrain of mass mobility with its ‘OS for buses’

8 mins read
Rahul vs. Rakesh: turbulence ahead for IndiGo as promoters turn up the heat in legal battle
Aviation

Rahul vs. Rakesh: turbulence ahead for IndiGo as promoters turn up the heat in legal battle

10 mins read
Inside story of how Centrum and BharatPe ‘unified’ for their banking dream. But challenges start now.
Banking

Inside story of how Centrum and BharatPe ‘unified’ for their banking dream. But challenges start now.

15 mins read

कोरोना की महामारी के चलते कई लोगों की नौकरी छूट गई है. कई लोगों की सैलरी घट गई है. कइयों के रोजगार ठप हो गए हैं. नौकरियों के मौकों में बड़ी कमी आई है. नई जॉब के विकल्‍प बेहद सीमित हैं. ऐसे में यह समय अपने कम्‍फर्ट जोन से निकलकर घर में कमाई के रास्‍ते खोजने का है. इसकी शुरुआत आप खुद से यह पूछ कर सकते हैं कि आप क्‍या कर सकते हैं? कैसे कर सकते हैं? कहां कर सकते हैं? कितना कमा सकते हैं? हम आपको घर बैठे कमाई के कुछ विकल्प बता रहे हैं.अगर आप फुलटाइम घर से काम कर रहे हैं और आपकी कंपनी टेलीफोन, इंटरनेट, प्रिंटिंग और स्‍टेशनरी जैसे कुछ खर्चों को रीइंबर्स कर रही है तो आपको इन खर्चों पर टैक्‍स देने की जरूरत नहीं है.आईटी पेशेवरों के लिए खुशखबरी, कंपनियों में एक लाख से ज्‍यादा नौकरी के मौके

देश में क्रिप्‍टोकरेंसी को लेकर स्थिति बहुत साफ नहीं है. कर्मचारी और कंपनियां दोनों इसे लेकर टैक्‍स के बारे में चिंतित हैं.कोरोना की महामारी के चलते कई लोगों की नौकरी छूट गई है. कई लोगों की सैलरी घट गई है. कइयों के रोजगार ठप हो गए हैं. नौकरियों के मौकों में बड़ी कमी आई है. नई जॉब के विकल्‍प बेहद सीमित हैं. ऐसे में यह समय अपने कम्‍फर्ट जोन से निकलकर घर में कमाई के रास्‍ते खोजने का है. इसकी शुरुआत आप खुद से यह पूछ कर सकते हैं कि आप क्‍या कर सकते हैं? कैसे कर सकते हैं? कहां कर सकते हैं? कितना कमा सकते हैं? हम आपको घर बैठे कमाई के कुछ विकल्प बता रहे हैं.पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस 5-7% कर्मचारियों की छंटनी करेगी

जून में गिरावट के बाद पिछले दो महीनों में एक्टिव जॉब ओपनिंग्‍स में 74 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है. कंपनियों को कोविड की महामारी खत्‍म होने के बाद प्रतिस्‍पर्धा बढ़ने की उम्‍मीद है. वे इसके लिए खुद को तैयार रखना चाहती हैं.आईबीए ने बैंक कर्मचारी और अधिकारी संघों के साथ 11वीं द्विपक्षीय वेतनवृद्धि वार्ता नई सहमति के साथ सम्पन्न होने की बुधवार को घोषणा की.कोरोना के दौर में सैलरी बढ़ाने के लिए कैसे करें बातचीत?

पूरा पाठ विस्तारित करें
संबंधित लेख
आईपीएल ऑरेंज कैप विजेताओं की सूची

एनालिटिक्‍स संबंधी जॉब्‍स निकालने वाली कंपन‍ियों में एक्‍सेंचर, एमफेसिस, कग्निजेंट टेक्‍नोलॉजी सॉल्‍यूशन, केपजेमिनी, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, आईबीएम इंडिया, डेल, एचसीएल टेक्‍नोलॉजी और कोलेबरा टेक्‍नोलॉजी प्रमुख हैं.

betway प्लस

कई ग्राहक मोरेटोरियम और उससे पड़ने वाले असर को नहीं समझते हैं. इसे देखते हुए कलेक्‍शन में बाधा आई है.

रम्मी 7 ऊपर नीचे

पिछले साल से अब तक बड़े उतार-चढ़ाव हुए हैं. लोगों ने कोरोना की महामारी के कहर को देखा और अब जिंदगी को पटरी पर लौटते देख रहे हैं. शायद ही यह दौर भुलाए भूलेगा. हालांकि, इससे कई सबक भी मिले हैं. ये करियर में आगे बढ़ने में मदद कर सकते हैं. आइए, यहां उनके बारे में जानते हैं.

जैकपॉट इन

इसके साथ ही देश के इस सबसे बड़े बैंक ने कहा कि वॉलेंटरी रिटायरमेंट स्‍कीम (वीआरएस) लागत में कटौती करने के लिए नहीं है.

चा लॉटरी प्रतीक्षा सूची

महामारी से पहले की तुलना में मजदूरी 450-500 रुपये से बढ़कर 550-600 रुपये प्रति दिन हो गई है. वहीं, मजदूरों की उपलब्‍धता 70-75 फीसदी घटी है.

संबंधित जानकारी
गरम जानकारी