स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल

स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल

time:2021-10-22 04:42:19 अमेजन अपने प्राइम का सदस्यता शुल्क बढ़ाकर 1,499 रुपये प्रति वर्ष करेगी Views:4591

कैसीनो और रिसॉर्ट स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल betway केन्या जैकपॉट,fun88eu,lovebet 6446,lovebet जमी फोरम,lovebet टीवी,365 गेमिंग फोरम,बैकारेट बेटिंग फॉर्मूला,बैकारेट प्रोफेशनल प्ले,आईसीएसई कक्षा 10 . के लिए पांच नियमों का सर्वोत्तम नियम,क्या विदेशी फ़ुटबॉल जीत पर दांव लगाया जा सकता है,कैसीनो नियाग्रा,शतरंज ऊ,क्रिकेट पहेली किताब,डी कैसीनो मालिक,यूरोपीय कप फुटबॉल मैच के नियम,फुटबॉल कॉर्नर किक,जुआ मशीन,खुश किसान पीएनजी,इंडियाबेट हेल्पलाइन नंबर,जैकपॉट ड्राइंग,नवीनतम फुटबॉल सट्टेबाजी,लाइव रूले ऐप,लॉटरी रात परिणाम,m.lovebet मोबाइल जीआर,असली पैसे के लिए ऑनलाइन कैसीनो,ऑनलाइन गेम जोन,ऑनलाइन स्लॉट रियल मनी दक्षिण अफ्रीका,पोकर 63,पोकरदार यू,रूले टेबल लेआउट,रमी जैक,सबा वेबसाइट,स्लॉट्स एन बेट्स बोनस कोड,खेल तक,तीन पत्ती एक,सबसे सटीक Wynn उच्च स्कोर,आभासी क्रिकेट सिम्युलेटर लंदन,विलियम हिल स्टैंडबाय,star sports वन हिंदी लाइव,केरल लॉटरी रिजल्ट,खेल लॉटरी matka2,जोक हिंदी,पोकर फन,बेटा अब्दुल जरा बताओ,रेट्रो गार्डन,स्टेटस यूट्यूब, .अमेजन अपने प्राइम का सदस्यता शुल्क बढ़ाकर 1,499 रुपये प्रति वर्ष करेगी

नयी दिल्ली 21 अक्टूबर (भाषा) अमेजन भारत में अपने प्राइम का सदस्यता (मेंबरशिप) शुल्क पचास प्रतिशत बढ़ाकर 1,499 रुपये प्रति वर्ष करेगी, जो फिलहाल 999 रुपये में उपलब्ध है।

कंपनी इसी के साथ ही प्रति माह और तीन महीने वाले सदस्यता शुल्क में भी बढ़ोतरी करेगी। अमेजन अपने प्राइम की सदस्यता के जरिये उपयोगकर्ताओं को ई-कॉमर्स मंच पर लाखों वस्तुओं की एक दिन में डिलिवरी तथा अमेजन प्राइम वीडियो मंच की सुविधा प्रदान करती है।

अमेजन के एक प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी भारत में अपने प्राइम की सदस्यता शुल्क में जल्द बदलाव करेगी। वार्षिक सदस्यता शुल्क को 999 से बढ़ाकर 1,499 रुपये, तीन महीने वाला सदस्य्ता शुल्क को 329 से 459 रुपये और मासिक सदस्यता शुल्क को 129 से बढ़ाकर 179 रुपये किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कंपनी सदस्य्ता शुल्क में बदलाव की सही तारीख की घोषणा बाद में करेगी।

(This story has not been edited by economictimes.com and is auto–generated from a syndicated feed we subscribe to.)
(This story has not been edited by economictimes.com and is auto–generated from a syndicated feed we subscribe to.)

ETPrime stories of the day

Smarter, better, and now more affordable: AI is becoming omnipresent as it steps up its game
Artificial intelligence

Smarter, better, and now more affordable: AI is becoming omnipresent as it steps up its game

15 mins read
MedPlus has scale, Wellness Forever scores in product mix. Which IPO will get more investor love?
Investing

MedPlus has scale, Wellness Forever scores in product mix. Which IPO will get more investor love?

10 mins read
Havildar Tom Cruise? A case diary of Indian cops’ craze for artificial intelligence in policing
Artificial intelligence

Havildar Tom Cruise? A case diary of Indian cops’ craze for artificial intelligence in policing

11 mins read

ईटीएफ नए निवेशकों के लिए अच्‍छा विकल्‍प है. इसके लिए डीमैट अकाउंट की जरूरत होगी.पिछले 10 साल में ओएनजीसी अपने उत्पादन में कोई बड़ी बढ़ोतरी करने में नाकामयाब रही है.फ्रैंकलिन टेंपलटन की छह बंद योजनाओं को मिले 15,776 करोड़ रुपये

पिछले 10 साल में ओएनजीसी अपने उत्पादन में कोई बड़ी बढ़ोतरी करने में नाकामयाब रही है.ईटीएफ नए निवेशकों के लिए अच्‍छा विकल्‍प है. इसके लिए डीमैट अकाउंट की जरूरत होगी.कैसा है एलएंडटी टैक्‍स एडवांटेज म्‍यूचुअल फंड का 5 साल का रिपोर्ट कार्ड?

फ्रैंकलिन टेंपलटन म्यूचुअल फंड ने शुक्रवार को कहा कि उसकी छह योजनाओं को अप्रैल 2020 में बंद होने के बाद से 15,776 करोड़ रुपये मिले हैं.नयी दिल्ली 21 अक्टूबर (भाषा) निजी क्षेत्र के साउथ इंडियन बैंक (एसआईबी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसे 187 करोड़ रुपये कुल घाटा हुआ। फंसे हुए कर्ज में वृद्धि के कारण बैंक का घाटा बढ़ा है। केरल स्थित बैंक ने इससे पिछले वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर, 2021 तिमाही में 65.10 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया था। वही इससे पिछली अप्रैल-जून, 2021 तिमाही में बैंक को 10.31 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि जुलाई-सितंबर, 2021 तिमाही के दौरान उसकी आयकैट ने ई-वाणिज्य से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए मोदी से वक्त मांगा

पूरा पाठ विस्तारित करें
संबंधित लेख
लॉटरी ऐप

पिछले 10 साल में ओएनजीसी अपने उत्पादन में कोई बड़ी बढ़ोतरी करने में नाकामयाब रही है.

सट्टेबाजी में शामिल होने की पेशकश

एनपीएस अकाउंट खोलते वक्त सब्सक्राइबर्स को विकल्प दिया जाता है. वे चाहें तो विभिन्न एसेट क्लास में खुद पैसा लगाएं. या फिर ऑटो च्‍वाइस ऑप्शन चुनें.

फुटबॉल खेलने के तरीके

नयी दिल्ली, 21 अक्टूबर (भाषा) सार्वजानिक क्षेत्र की कंपनी भारतीय कंटेनर निगम लि. का एकीकृत शुद्ध लाभ 30 सितंबर, 2021 को समाप्त तिमाही में 41.25 प्रतिशत बढ़कर 248.29 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 175.77 करोड़ रुपये था। कंपनी की चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के दौरान आय बढ़कर 1,900 करोड़ रुपये हो गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 1,573.97 करोड़ रुपये थी।

कैसीनो लॉटरी

सुकन्या समृद्धि स्‍कीम में बेटी के जन्‍म के बाद उसके नाम पर खाता खुलवाया जा सकता है. उसके 10 साल का होने तक ऐसा किया जा सकता है.

स्पोर्ट्सबुक एरिजोना

एक साल पहले इस फंड के अनुभवी मैनेजर ने इस्तीफा दिया. हालांकि, स्‍कीम की बागडोर मजबूत प्रबंधन के हाथों में है. निवेश के तरीके में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है.

संबंधित जानकारी
फुटबॉल का आकर्षण

नयी दिल्ली, 21 अक्टूबर (भाषा) सेबी ने बृहस्पतिवार को कमोडिटी डेरिवेटिव ब्रोकर के रूप में पंजीकरण के लिए इंवेस्टस्मार्ट कमोडिटीज लिमिटेड के आवेदन को खारिज कर दिया। सेबी ने कहा कि आवेदन ‘‘उचित’’ मानदंडों को पूरा करने में विफल रहा, क्योंकि उसने अपने ग्राहकों को बंद हो चुके नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (एनएसईएल) पर अनधिकृत युग्मित सौदों में कारोबार की सुविधा दी। सेबी ने कहा कि इंवेस्टस्मार्ट कमोडिटीज ने युग्मित अनुबंधों के लिए एक मंच मुहैया करके अपने ग्राहकों को एक ऐसे उत्पाद के कारोबार में शामिल किया, जिसे नियामक की मंजूरी नहीं मिली थी, जिससे उसकी पंजीकृत ब्रोकर के

गरम जानकारी
आभासी वास्तविकता क्रिकेट लीग

नयी दिल्ली, 21 अक्टूबर (भाषा) व्यापारियों के संगठन कैट ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने देश में ई-वाणिज्य और खुदरा व्यापार के वर्तमान हालात पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वक्त मांगा है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में देश के ई-कॉमर्स व्यवसाय के मौजूदा परिदृश्य में उनके हस्तक्षेप की मांग करते हुए दावा किया कि ‘‘प्रमुख वैश्विक ई-वाणिज्य कंपनियां 2016 से देश के कानूनों और नियमों का उल्लंघन कर रही हैं।’’ कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया और महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, ‘‘ऐसा लगता है