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time:2021-10-16 10:07:51 प्राइम इंवेस्टर ने निवेशकों को फ्रैंकलिन की सभी स्कीमों से निकलने की दी सलाह Views:4591

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अप्रैल 2020 में छह डेट म्यूचुअल फंड स्कीमों को बंद करने के फैसले के बाद से ही फ्रैंकलिन पर खासा दबाव है. इस फैसले से निवेशकों के 26,000 करोड़ रुपये फंस गए थे.
नई दिल्ली: प्राइम इंवेस्टर ने निवेशकों को फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड की सभी स्कीमों से निकासी करने की सलाह दी है. प्राइम इंवेस्टर चेन्नई की एक स्वतंत्र रिसर्च फर्म है.

प्राइम इंवेस्टर की सह-संस्थापक विद्या बाला ने कहा, "इक्विटी म्यूचुअल फंडों की कमजोरी, एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) में गिरावट, विश्वास की कीमत, लगातार अस्थिरता और मौजूदा टैलेंट के दूसरी जगहों पर जाने की संभावनाओं के चलते हम यह सलाह दे रहे हैं."

अप्रैल 2020 में छह डेट म्यूचुअल फंड स्कीमों को बंद करने के फैसले के बाद से ही फ्रैंकलिन पर खासा दबाव है. इस फैसले से निवेशकों के 26,000 करोड़ रुपये फंस गए थे. 10 महीने के अंतराल के बाद फंड हाउस की छह में से पांच स्कीमों ने निवेशकों के 9,122 करोड़ रुपये जुटाए, मगर कंपनी की साख बिगड़ गई.

प्राइम ने अपने नोट पर कहा, "यह सलाह मौजूदा प्रदर्शन पर आधारित नहीं है, मगर निवेश भुनाने के चलते हालात कमजोर बने रह सकते हैं. इसलिए, कई डेट म्यूचुअल फंडों को होल्ड पर भले ही रखा गया हो, मगर इनका एयूएम कम हो रहा है. इसके चलते निकासी की सलाह दे रहे हैं."

छह डेट स्कीमों को एकाएक बंद करने और निवेशकों का पैसा लॉक करने के फैसले पर प्राइम ने कहा, "ओपन एंडेड स्कीमों में निवेशक अपना पैसा कभी भी भुना सकते हैं. यह एक अहम मूलभूत वायदा होता है. इस वायदे को तोड़ना किसी फंड हाउस का सबसे बुरा फैसला हो सकता है."

बीते एक साल में फ्रैंकलिन इंडिया ब्लूचिप और फ्रैंकलिन इंडिया फोक्स्ड इक्विटी फंड ने दमदार प्रदर्शन किया है, मगर निवेश सलाहकार का मानना है कि फंड मैनेजर्स नौकरी बदल सकते हैं. प्राइम इंवेस्टर ने फ्रैंकलिन के प्रायोजक में बदलाव की भी आंशका जताई.

प्राइम इंवेस्टर की सलाह पर फ्रैंकलिन के प्रवक्ता ने भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में बने रहने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई. उन्होंने कहा, "हम अपने निवेश आदेश के तहत ही स्कीमों का प्रबंधन करते हैं और निवेशकों के हित में फैसले लते हैं. हमारी योग्य और कुशल टीम के पास विस्तृत अनुभव है."



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अधिकतर निवेशक इक्विटी फंड्स में निवेश करने के लिए सिस्टेमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान (सिप) को तरजीह देते हैं. हाल के समय में सिप को बहुत अधिक लोकप्रियता मिली है.बाजार नियामक सेबी ने एक्सपेंस रेशियो की सीमा तय की हुई है. ओपन एंडेड इक्विटी स्कीम के एयूएम के आधार पर सेबी ने विभिन्न स्‍लैब बनाए हैं.वित्त वर्ष 2020-21 में गोल्ड ईटीएफ में निवेश चार गुना बढ़ा

वित्त वर्ष 2020-21 में घरेलू म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 41 फीसदी बढ़कर 31.43 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचई गई.सैलरी कब अपने स्‍तर पर लौटेंगी, यह आर्थिक गतिविधियों के बहाल होने पर निर्भर करेगा. डेलॉयट के सर्वे में शामिल 75 फीसदी संस्‍थानों ने मौजूदा अनिश्चितता को देखते हुए वेतनवृद्धि में किसी तरह के अनुमान जाहिर करने से इंकार कर दिया.सिप में क्यों करना चाहिए लंबे समय तक निवेश

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