विलियम हिल स्पोर्ट्स

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time:2021-10-16 10:56:51 लगातार अच्‍छा रिटर्न चाहते है? इस फंड में लगा सकते हैं पैसा Views:4591

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कम अस्थिरता वाले शेयरों का अच्छा करने की एक मुख्य वजह गिरावट को थामना है.
क्‍या लार्जकैप सेगमेंट से कम अस्थिर शेयर चुनकर लंबी अवधि में ज्यादा फायदा उठाया जा सकता है? आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल निफ्टी 100 लो वोलेटिलिटी 30 ईटीएफ एफओएफ के निवेश का यही आधार है. यह 2017 में लॉन्‍च ईटीएफ पर आधारित है. आइए, जानते हैं कि क्‍या इस तरह की रणनीति में वाकई कोई दम है.

सक्रिय रूप से मैनेज किए जाने वाले लार्ज कैप म्‍यूचुअल फंड के तौर-तरीकों का पिछले कुछ सालों में सभी को पता लग गया है. कुछ को छोड़ ज्यादातर स्कीमों ने प्रमुख सूचकांकों से कमतर प्रदर्शन किया है. इसने निवेशकों को मायूस किया है. कई निवेशकों ने कम लागत वाले इंडेक्‍स फंडों का रुख कर लिया है.

हालांकि, सीधे-सादे इंडेक्स फंड भी बाजार की रोजमर्रा की अस्थिरता से अछूते नहीं हैं. ज्यादा स्टेबल रिटर्न की चाहत रखने वाले निवेशकों के पास एक रास्ता है. वह है कम से कम अस्थिर शेयरों में चुनिंदा तरीके से निवेश करने का.

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आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल निफ्टी 100 लो वोलेटिलिटी 30 ईटीएफ एफओएफ इस तरह की पेशकश करता है. इसका पोर्टफोलियो 100 टॉप कंपनियों में से 30 सबसे कम अस्थिर शेयरों से बना है.

यह फंड दूसरे इंडेक्‍स फंडों से कितना अलग है? कम अस्थिरता पर जोर के साथ इसके इंडेक्‍स में वजन के लिहाज से 3 टॉप सेक्‍टर शामिल हैं. इनमें कंज्यूमर गुड्स, आईटी और ऑटोमोबाइल्‍स हैं. पारंपरिक तौर पर ये डिफेंसिव सेक्टर हैं.

एनबीएफसी के साथ बैंकिंग शेयर निफ्टी100 लो वोलेटिलिटी 30 इंडेक्‍स का महज 8.6 फीसदी हैं. इस इंडेक्‍स के टॉप शेयरों में पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, डाबर इंडिया, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और बजाज ऑटो प्रमुख हैं. न केवल इंडेक्‍स कम अस्थिरता वाला है बल्कि इसका वैल्यूएशन प्रोफाइल भी कम है.

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ये सभी बातें इसके पक्ष में जाती हैं. लेकिन, क्‍या ये अच्‍छे प्रदर्शन की वजह बनेंगी? कारण है कि कम अस्थिरता या कम जोखिम को कम रिटर्न के साथ जोड़कर देखा जाता है. 2008 से लो वोलेटिलिटी इंडेक्‍स ने 13 में से 8 कैलेंडर वर्ष में प्रमुख सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया है. यह उस धारणा के उलट है जो कहती है कि कम जोखिम माने कम रिटर्न है.

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कम अस्थिरता वाले शेयरों का अच्छा करने की एक मुख्य वजह गिरावट को थामना है. ओमनीसाइंस कैपिटल के सीईओ और चीफ इंवेस्‍टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट विकास गुप्ता ने कहा, ''कम अस्थिरता एक तरह का नतीजा है. यह कंपनियों की मजबूत बुनियादी बातों के कारण हो सकता है. ये अनुमान योग्‍य ग्रोथ की पेशकश करती हैं. इनका फायदा स्‍पष्‍ट दिखाता है.''

कोई शेयर जितना ज्यादा गिरता है, उसे वापस अपने स्‍तर पर आने में उतना ही फायदा कमाने की जरूरत पड़ती है. अगर कोई शेयर 50 फीसदी टूटता है तो वापसी के लिए उसे 100 फीसदी चढ़ना होगा. कम गिरावट वाले शेयर को वापसी के लिए लंबी छलांग लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है. हालांकि, कम अस्थिरता हमेशा अच्छा नहीं करती है. हर फैक्‍टर का अपना सीजन होता है. फैक्‍टर की टाइमिंग का सही अनुमान लगा पाना मुश्किल है.

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चूंकि एफओएफ दूसरी म्‍यूचुअल फंड स्‍कीमों में निवेश करते हैं. लिहाजा, डुप्‍लीकेशन की कॉस्‍ट आ सकती है.सामान्‍य सिप के मामले में निवेशक सिप की अवधि में अपना कॉन्ट्रिब्‍यूशन नहीं बढ़ा सकते हैं. अगर वे इसे बढ़ाना चाहते हैं तो उन्‍हें नए सिरे से सिप शुरू करना होगा या एकमुश्त निवेश करने की जरूरत होगी.नियमित आमदनी के लिए इन पांच विकल्प में निवेश कर सकते हैं सीनियर सिटीजन

फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड की बंद हो चुकी स्कीमों के निवेशकों को इस हफ्ते पैसे मिल जाएंगे. छह स्कीमों के निवेशकों को 2,962 करोड़ रुपये इस हफ्ते मिल जाएंगे.फ्रैंकलिन टेंपलटन म्यूचुअल फंड ने शुक्रवार को कहा कि उसकी छह योजनाओं को अप्रैल 2020 में बंद होने के बाद से 15,776 करोड़ रुपये मिले हैं.वित्तीय लक्ष्‍यों तक जल्दी पहुंचने के लिए इक्विटी या डेट फंड में से किसमें निवेश करें?

एक साल पहले इस फंड के अनुभवी मैनेजर ने इस्तीफा दिया. हालांकि, स्‍कीम की बागडोर मजबूत प्रबंधन के हाथों में है. निवेश के तरीके में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है.हम सीनियर सिटीजन के लिए निवेश के पांच ऐसे विकल्प बता रहे हैं जिससे उनकी मेहनत की कमाई पर अच्छी नियमित आय आती रहे.फ्रैंकलिन टेम्पलटन एमएफ से आपको अपना निवेश कब निकालना चाहिए?

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